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Sunday, August 18, 2013

जग

एक नटखट लड़की रसोई में बर्तन ढूँढते हुए तंग आ गई और उसने अपनी माँ को आवाज़ दी - "मम्मी! जग कहाँ है? मैं तो उसे जग-जग ढूँढ चुकी हूँ."

मम्मी भी कुछ कम नहीं - "पहले जग तो जा, बेटी, तभी तो मिलेगा!"


Thanks to AD and VR for letting me include their joke here. :)

Sunday, April 29, 2012

भौतिकी की कक्षा में

एक भौतिकी के छात्र के शिक्षक ने पूछा : "Relative speed क्या होता है?"

छात्र सोचने लगा, फिर उछल कर बोला: "मेरे रिश्तेदार बहुत तेज़ हैं!"

Friday, September 23, 2011

ढंग का खाना

माँ, बेटे से: दाल ढंग से खा ली, बेटा?

बेटा, माँ से: नहीं, चम्मच से खाई थी.


Monday, August 1, 2011

What's to eat?

This one is from VR.


"Hey Mom, what's there to eat?"

His Mom throws a stone at him.

"Hey! I just asked for something to eat!

Mom: "हम eat का जवाब पत्थर से देते हैं ..."

संता की दवाई

संता सिंह के चुटकुले इतने प्रचारित हैं की अब हम अपने संता चुटकुले बनाने लग गए हैं. यह अँ. द. ने पेश किया है:

संता डॉक्टर के पास गया, फिर पर्ची चेमिस्ट के पास ले गया. जब वह घर पहुंचा, उसने सारी दवाइयां कूड़ेदान में फ़ेंक दीं.

प्रीतो काफी खिज गयी. उसने पूछा कि डॉक्टर के पास गया ही क्यों.

"अरे, डॉक्टर ने भी तो जीना है."

"अच्छा, तो चेमिस्ट से दवाइयां क्यों लीं?"

"उसने भी तो जीना है."

"तो फिर सारी दवाइयां कूड़े में क्यों फ़ेंक दीं??"

"अरे प्रीतो, मैंने भी तो जीना है!!"

Saturday, April 9, 2011

Facebook की एक कहानी भाग 2

खैर, वृद्ध ने इधर-उधर पूछ के पता कर लिया की facebook क्या है। लड़के से भी पूछ आये और अपनी भतीजी को बताया कि, हाँ, लड़के का facebook account है।

भतीजी निकली ढूँढने। लड़के का नाम 'अजय कुमार' जैसे कोई आम नाम था (नहीं, उसका नाम अजय कुमार नहीं था), तो भतीजी को मिले कोई १०० 'अजय कुमार'। उसने वृद्ध को फ़ोन किया कि पूछो उसने कमीज़ कैसी पहनी है?

वृद्ध ने पूछ लिया, और जवाब दिया कि धारियों वाली कमीज़ है।

फिर मुश्किल। ऐसे भी १५ लड़के निकले। भतीजी ने फ़ोन घुमाया, "पूछना ज़रा, धारियां चौड़ी हैं या पतली?"

जहाँ तक मुझे पता है, खोज अभी जारी है।

Facebook की एक कहानी भाग 1

एक वृद्ध को अपनी भतीजी की बेटी के लिए एक अच्छा रिश्ता सूझा। भतीजी को भी लड़के का विवरण पसंद आया, और उसकी फोटो देखने का दिल किया। पर उसे जल्दी-जल्दी रिश्ता बढ़ाना भी नहीं था। इसलिए उसने ताउजी से पूछा, "क्या वह facebook पर है?"

अब ताउजी कैसे मान जाएँ की उन्हें facebook का अदा-पता नहीं? वह झल्ला उठे: "पगली! यहाँ मैं तुझे उसका face दिखा रहा हूँ, और तू facebook-facebook बोले जा रही है!"

Friday, January 7, 2011

Jeans



एक बच्चा इसे देख कर बोल उठा, "मम्मी, मम्मी, मुझे यही jeans चाहिए!"
मम्मी बेचारी देख कर बड़बड़ाई, "क्या बीमारी है!"


(यह फोटो कानपुर में खींची है.)

Thursday, November 25, 2010

मेहनत

एक ढीला आदमी था। काफी ढीला था। और ऊपर से शेखियां अलग बधारता था।

इत्तिफ़ाक़ से उसकी शादी एक ऐसी औरत से हुई जिसके कई मेहनती भाई थे। तो उसका काम चलता रहा। भाई लोग उन दोनों के लिय बहुत कुछ कर देते थे।

एक बार उसने भाइयों को ऐसा फुसलाया कि उन्होंने उन दोनों के लिए एक आलीशान घर खड़ा कर दिया।

जब लोगों ने उसे बधाई दी, तो उसने विनम्र स्वभाव दिखाया और कहा : "हाँ, कई सालों की मेहनत से बनाया है..."

Monday, August 30, 2010

मेरी तेरी

एक दम्पति भारत दर्शन के लिए निकल पड़ा। साथ थे उनके बच्चे, और बच्चों की दादी और नानी। नानी को ले जाने की आदमी ने ठानी थी, और दादी को ले जाने का उनकी पत्नी का सुझाव था।

नए शहरों में दादी को काफी तकलीफ हुई, और वह चिड़-चिड़ी हो गयीं। कुछ देर के बाद आदमी से अपनी माँ का व्यव्हार सहा नहीं गया। कहते तो क्या कहते? हरकतें तो उन्ही की माँ कर रही थीं।

कुछ दिनों तक चुप रहे, पर फिर अपने को रोक न पाए। माँ को तो कुछ कह न सके, पत्नी पर बरस पड़े: "देखो! मेरी सास कितनी शांति से चल रही है - तुम्हारी सास हमें कितना तंग कर रही है!"

Tuesday, July 27, 2010

आज का खाना

आज दफतर में दोपहर के खाने के लिए जब कैन्टीन गए, तो देखा कि सब लोग रोटी-सब्जी खा रहे थे, पर मेघा केवल आम खा रही थी। मुँह से निकला: "रोज़ तो मेघा ख़ास खाना खाती है, आज वह आम खाना खा रही है..."

Sunday, February 7, 2010

बच्चों को जगाना

माँ (बच्चे से): उठो, बेटा।
बेटा: हूँ
माँ: उठो बेटा।
बेटा: ऊँहूँ
माँ: उठ गया, बेटा?
बेटा: हूँ
माँ: उठ गया तो ज़रा खुली आँखें दिखा
बेटा (आँखें कसके बंद की हुई): दीवार पर आईना है न, देख लो...